"Brahmachari Girish Ji Honoured at Dharma Sanskriti Mahakumbha 2016"
Navigation: Product Details
Categories

Mahamedia Magazine - June 2019


Mahamedia Magazine - June 2019
महर्षि महेश योगी का आविष्कृत भवतीत ध्यान, ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन या टीएम के अनुयायियों की संख्या 20 करोड़ बताई जाती है। टीएम के नाम से मशहूर इस पद्धति को सिखने के लिए दुनियाभर में लगभग तीन हजार केंद्र हैं। सीखने के लिए बाकायदा पांच दिन का कोर्स पूरा करना होता है। शर्त है कि कोई साधक सिखाई गई पद्धति किसी और को नहीं बताएगा। किताब से या ऑडियों - वीडियो कैसेट देखकर अभ्यास करने की सख्त मनाही है। पाँच दिन के पाठ्यक्रम में ध्यान विधि के साथ यह बात भी अच्छी तरह समझास दी जाती है कि दूसरे से सीखी या सिखाई गई पद्धति अपना प्रभाव खो देती है। इस डर से विधि के बारे में टीएम के साधक किसी को कुछ नहीं बताते। दो साधक आपस में भी जिक्र नहीं करेंगे। उन्हें समझाया जाता है कि बताई गई विधि खास उन्हीं के लिए है, किसी और के बिल्कुल काम नहीं आएगी।
ध्यान के लिए कुछ खास नहीं करना है। सुबह और शाम के वक्त दो बार शांत बैठकर और दिये गये मंत्र पर ध्यान केंद्रित करना है। शरीर शिथिल रहे। सुखासन से बैठें, कठिन हो तो सोफे या कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं। दोनों बार पंद्रह से बीस मिनट बैठना काफी है। भावातीत ध्यान के अभ्यासी नियम बनाते हैं कि सुबह का ध्यान किए बिना नाश्ता नहीं करेंगे और शाम का ध्यान किए बिना डिनर नहीं। घर पर, दμतर में, यात्रा के समय और कितना ही व्यस्त रहें साधक से अपेक्षा की जाती है कि हर स्थिति में वह दोनों वक्त चालीस मिनट का समय तो निकाल ही लेगा। ऊर्जा, स्फूर्ति और प्रसन्न प्रफुल्ल रहने के लिए इतना तो किया ही जा सकता है।
योग के मार्ग पर चलने का अर्थ है- जीवन का सम्पूर्ण रूपान्तरण। इस दृष्टि से पतंजलि योग को अच्छी तरह आत्मसात् करना होगा। इस योग में जिन प्रक्रियाओं पर चर्चा की गयी है, उसमें सबसे पहले नैतिक पक्ष को देखा जाता है, व्यवहार और आचरण को देखा जाता है। यम िनयम के अन्तर्गत उसकी विस्तार से चर्चा की गयी है। फिर शारीरिक स्वास्थ्य की बात आती है, तब उसके लिए आसन और प्राणायाम की बात कही गयी है। मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए प्रत्याहार और धारण की चर्चा आयी है। अन्त में, आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान और समाधि के सूत्र सामने आते हैं। इसी को हम योग कहते हैं। जो जीवन के प्रति जिज्ञासु हैं, उन्हें महर्षि पतंजलि के इन सूत्रों में जीवन की गुत्थियों को सुलझाने में अवश्य सफलता मिलेगी।
More you like to buy Items